महात्मा गांधी ने भेदभाव और अंगूठेच्छुआछूत के खिलाफ लड़ा.

उन्होंने दलित समुदाय को "हरिजन" का उपनाम देने का समर्थन किया ताकि समानता को प्रोत्साहित किया जा सके.

गांधी ने दिव्य गुण के रूप में सफाई की महत्वपूर्णता को बताया.

उन्होंने बाल विवाह और विधवा विवाह के अभिशाप का खंडन किया.

गांधी ने महिलाओं के सशक्तिकरण और समानता की महत्वपूर्णता को जोर दिया.

उन्होंने दहेज प्रथा को खत्म करने की बढ़ावा दिया.

गांधी ने लड़कियों के लिए शीघ्र विवाह का खिलाफ होने की बजाय आवाज उठाई.

उन्होंने लड़कियों के विवाह के लिए न्यूनतम आयु को सुरक्षित रखने के लिए मानदंड स्थापित किए.

महात्मा गांधी के सामाजिक सुधार के अधूरे सपने आज भी हैं.

कुछ भारतीय समाज की चुनौतियों जैसे दहेज और बाल विवाह आज भी जारी हैं.